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	<title>इधर उधर की &#187; indian idol</title>
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	<description>इधर की ईंट उधर का रोड़ा</description>
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		<title>SMS का कमाल, प्रशान्त तामांग</title>
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		<pubDate>Tue, 25 Sep 2007 02:11:39 +0000</pubDate>
		<dc:creator>रमण कौल</dc:creator>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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		<description><![CDATA[प्रशान्त तामांग बुरे गायक नहीं हैं, पर अमित पॉल से जीतने की शक्ति उन में गाने के आधार पर तो नहीं थी। प्रशान्त की इंडियन आइडल के फाइनल में जीत ने यह साबित कर दिया कि उन के समर्थकों ने एस.एम.एस. द्वारा अमित को ही नहीं, बल्कि और कई अच्छे गायकों को धूल चटा दी। [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://kaulonline.com/images/pramit.jpg" alt="Prashant Tamang and Amit Paul" align="left" hspace="5">प्रशान्त तामांग बुरे गायक नहीं हैं, पर अमित पॉल से जीतने की शक्ति उन में गाने के आधार पर तो नहीं थी। प्रशान्त की इंडियन आइडल के फाइनल में जीत ने यह साबित कर दिया कि उन के समर्थकों ने एस.एम.एस. द्वारा अमित को ही नहीं, बल्कि और कई अच्छे गायकों को धूल चटा दी। फाइनल तक सब ठीक था &#8211; इमॉन, दीपाली, चारू, पूजा, अंकिता जैसे अच्छे गायकों का बाहर हो जाना तब तक नहीं खला, जब तक अमिल पॉल बचा हुआ था और उस के जीतने की उम्मीद मौजूद थी। मैं मानता था कि इस खेल में एसएमएस पर काफी दारोमदार है, पर सारा खेल उसी का है, यह अन्त में प्रशान्त की जीत ने साबित कर दिया। </p>
<p>इंटरनेट पर नेपाल और दार्जीलिंग के कई <a href="http://www.sajha.com/sajha/html/openThread.cfm?forum=2&#038;threadid=50978">फोरम</a> चल रहे थे, जहाँ से प्रशान्त के लिए वोटिंग जुटाई जा रही थी। कुछ फ्री एसएमएस का भी जुगाड़ था। </p>
<p>इंडियन आइडल पर मेरे <a href="http://www.kaulonline.com/chittha/2007/08/pardesi-indian-idol/">पिछले पोस्ट</a> पर <a href="http://www.tarakash.com/joglikhi">संजय बेंगाणी</a> ने जो <a href="http://www.kaulonline.com/chittha/2007/08/pardesi-indian-idol/#comment-639">भविष्यवाणी</a> की थी, वह सौ फीसदी सच साबित हुई। फिर भी यदि जजों की बातों में, खासकर जावेद अख़्तर की बातों में, कुछ ईमानदारी थी, तो अमित पॉल को पार्श्वगायन का काम मिलना चाहिए। </p>
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		<title>परदेसी इंडियन आइडल</title>
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		<pubDate>Fri, 31 Aug 2007 05:22:03 +0000</pubDate>
		<dc:creator>रमण कौल</dc:creator>
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भाई, एस.एम.एस. द्वारा संगीत के सितारों की चयन प्रक्रिया से अन्य चिट्ठाकार बन्धुओं के साथ मैं भी परेशान हूँ। पर फिर भी देसी टीवी पर संगीत प्रतिस्पर्धाओं पर आधारित कार्यक्रम हमेशा मेरी कमज़ोरी रहे हैं, इस के बावजूद कि संगीत को कर्णप्रियता के आधार पर सुनता हूँ, बारीकी की कोई समझ नहीं है। इस कारण [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><!--chitthajagat claim code--><br />
<a href="http://www.chitthajagat.in/?claim=7alg3uxeohss" title="चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी"><img src="http://www.chitthajagat.in/images/claim.gif" border="0" align="left" alt="चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी" title="चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी";></a><br />
<!--chitthajagat claim code--><br />
भाई, एस.एम.एस. द्वारा संगीत के सितारों की चयन प्रक्रिया से <a href="http://www.tarakash.com/Ravi-Ratlami/ravi-taj.html">अन्य चिट्ठाकार</a> बन्धुओं के साथ मैं भी परेशान हूँ। पर फिर भी देसी टीवी पर संगीत प्रतिस्पर्धाओं पर आधारित कार्यक्रम हमेशा मेरी कमज़ोरी रहे हैं, इस के बावजूद कि संगीत को कर्णप्रियता के आधार पर सुनता हूँ, बारीकी की कोई समझ नहीं है। इस कारण हर शुक्रवार को रात नौ बजे इंडियन आइडल का गायन एपिसोड और हर शनि को परिणाम एपिसोड मैं मिस नहीं कर सकता। </p>
<p>अब इंडियन आइडल के अन्तिम मरहलों में कुछ ही गायक रह गए हैं और हर हफ्ते हमारा कोई पसन्दीदा गायक ही बाहर होता है। इस वर्ष की शृंखला में दो रोचक गायक हैं/थे, जो आम उत्तर-भारतीय-हिन्दी-भाषी के ढ़र्रे से बाहर भी हैं, गाते भी अच्छा हैं, और लोकप्रिय भी हैं &#8211; मयंग चैंग, जो चीनी मूल के हैं, और प्रशान्त तमांग, जो पश्चिम बंगाल के एक पुलिस कर्मी हैं। वैसे देखा जाए तो अग्रणी समझे जाने वाले प्रतियोगी अमित पॉल भी उत्तर पूर्व से हैं। </p>
<p><img src="http://www.kaulonline.com/images/meiyang.jpg" alt="मयंग चैंग" /><br />पिछले सप्ताह मयंग चैंग बाहर हो गए। मयंग को अपनी पर्सनैलिटी के आधार पर अधिक वोट मिलते रहे, और बेहतरीन गायक न होते हुए भी वे टॉप पाँच में पहुँच गए &#8212; इस कारण मुझे उन के बाहर होने से ज़्यादा शिकायत नहीं है। वहीं मुझे यह बात कुछ अटपटी लगी कि मयंग के चीनी मूल पर इस कार्यक्रम में कुछ ज़्यादा ही ज़ोर दिया गया &#8212; यहाँ तक कि शो की प्रस्तुति में मुझे बहुत हद तक नस्लवाद की बू आई। मयंग का जन्म भारत में हुआ है, पिछली कई पुश्तों से उन का परिवार भारत में बसा हुआ है। वे ठेठ हिन्दी बोलते हैं, 100 प्रतिशत भारतीय हैं, चीन कभी गए नहीं। चीनी उन्हें आती नहीं। फिर उन्हें चीनी कहना कहाँ तक सही है। चीनी मूल का कहना एक बात थी। यही नहीं, उन्हें प्यार से चिंगू-मिंगू कहा जाता रहा, और उन की पतली आँखों पर भी प्यार से ही सही, पर मज़ाक किए गए। मयंग अकेले प्रतियोगी हैं, जिन्हें उन के फर्स्ट-नेम मयंग के बदले उन के लास्ट-नेम चैंग से पुकारा गया, और वोटिंग के लिए उसी नाम का प्रयोग किया गया। इंडियन आइडल की <a href="http://indianidol.sify.com/contestants/meiyang/">आधिकारिक साइट</a> पर भी उन्हें a Chinese guy with an Indian heart कहा गया है।</p>
<p><img src="http://www.kaulonline.com/images/sanjaya.jpg" align="right" alt="संजय मलकर" />अमेरिकन आइडल में इसी प्रकार एक भारतीय लड़का <a href="http://www.americanidol.com/contestants/season6/sanjaya_malakar/">संजय मलकर</a> बहुत आगे जाता रहा। उसे भी गायन के इलावा अन्य चीज़ों के कारण वोट मिलते रहे। पर उसे कभी भी ग़ैर अमरीकी या भारतीय कह कर नहीं पुकारा गया। अमरीका स्वयं को विश्व का मिक्सिंग बोउल मानता है, भारत भी एक प्रकार से दक्षिण एशिया का मिक्सिंग बोउल है, जहाँ विभिन्न प्रकार की संस्कृतियों का मिश्रण पाया जाता है। पर जहाँ कोई व्हाइट, ब्लैक, या पूर्वी एशियाई नैन-नक्श वाला दिखता है, वह बाहर का ही लगता है चाहे वह भारत के अतिरिक्त किसी देश को न जानता हो।</p>
<p>खैर इंडियन आइडल की बात की जाए। कल कौन बाहर होगा? अंकिता, ईमॉन, प्रशान्त या अमित? आप की क्या राय है?</p>
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