Beta

रमण कौल | 27 जुलाई, 2008

जीमेल, तुम ऐसा कैसे कर सकते हो? माना तुम स्वयं को बेटा* मानते हो, पर हम ने तो हमेशा से तुम्हें बड़ा माना है, और दूसरों से बढ़ कर दर्जा दिया है।
जीमेल वाले सुनें या न सुनें, पर आप सुन लीजिए। यदि आप के जीमेल में डॉट है तो उस का जीमेल वालों के लिए [...]

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