मरने से पहले जीना सीख ले

ज़िन्दगी तो बेवफ़ा है एक दिन ठुकराएगी मौत महबूबा है अपने साथ ले कर जाएगी। यदि किसी को मालूम हो कि उस का जीवन कुछ दिन, सप्ताह, महीने, में समाप्त होने वाला है, तो उस दशा में उस को कैसा महसूस होता होगा? हाल में कुछ इस तरह के व्यक्तियों के बारे में पढ़ने-सुनने-देखने को […]

चक्कर चार सौ बीस का

आज बीबीसी की वेबसाइट पर समाचार देखा कि स्पेन की पुलिस ने धोखेबाज़ों के एक गिरोह को 420 मिलियन पाउंड की धोखाधड़ी के लिए गिरफ्तार किया है। यूँ तो इस धनराशि को डॉलर, यूरो आदि में परिवर्तित किया जाए तो कुछ और ही अंक सामने आएँगे, पर फिर भी 420 अंक के संयोग को अनदेखा […]

इतनी सर्दी है किसी का लिहाफ लइ ले

बाईं ओर मैं ने अपने गूगल होमपेज से मौसम का जो हाल चिपका रखा है, वह चित्र अपनी कहानी कह रहा है। मैं जिस शहर में रहता हूँ, उस का नाम है वेस्टमिन्सटर। यह बाल्टिमोर से केवल 50 किमी की दूरी पर है और वाशिंगटन डीसी से कोई 80 किमी। पर पर फिर भी इन […]

नव वर्ष की शुभकामनाएँ

इस सुप्त चिट्ठे पर भूले भटके आए पाठकों को नए वर्ष की शुभकामनाएँ। पिछला वर्ष विश्व-अर्थव्यवस्था की भांति इस चिट्ठे के लिए भी मंदी का ही रहा। बारह महीने में कुल जमा छः प्रविष्टियाँ, तीन मई में तीन जुलाई में। इस उम्मीद के साथ कि दोनों के लिए नया साल कुछ बढ़ोतरी लाए, एक बार […]

कल की पहेली का हल – पीटर का कमाल

यदि आप ने कल की पहेली नहीं पढ़ी तो पहले उसे पढ़ें। नीरज रोहिल्ला जी ने सही पकड़ा, वही हल था। तो हुआ यूँ कि कंप्यूटर जिस के हाथ में था, उसी के पास इस ज्योतिष विद्या की कुंजी थी। यानी, हमारी बड़ी बिटिया हमें बुद्धू बना रही थी। पर विद्या काम की है, इस […]