विविध

ज़िन्दगी तो बेवफ़ा है एक दिन ठुकराएगी मौत महबूबा है अपने साथ ले कर जाएगी। यदि किसी को मालूम हो कि उस का जीवन कुछ दिन, सप्ताह, महीने, में समाप्त होने वाला है, तो उस दशा में उस को कैसा महसूस होता होगा? हाल में कुछ इस तरह के व्यक्तियों के बारे में पढ़ने-सुनने-देखने को […]

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admin on January 28, 2009

आज बीबीसी की वेबसाइट पर समाचार देखा कि स्पेन की पुलिस ने धोखेबाज़ों के एक गिरोह को 420 मिलियन पाउंड की धोखाधड़ी के लिए गिरफ्तार किया है। यूँ तो इस धनराशि को डॉलर, यूरो आदि में परिवर्तित किया जाए तो कुछ और ही अंक सामने आएँगे, पर फिर भी 420 अंक के संयोग को अनदेखा […]

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बाईं ओर मैं ने अपने गूगल होमपेज से मौसम का जो हाल चिपका रखा है, वह चित्र अपनी कहानी कह रहा है। मैं जिस शहर में रहता हूँ, उस का नाम है वेस्टमिन्सटर। यह बाल्टिमोर से केवल 50 किमी की दूरी पर है और वाशिंगटन डीसी से कोई 80 किमी। पर पर फिर भी इन […]

Continue reading about इतनी सर्दी है किसी का लिहाफ लइ ले

इस सुप्त चिट्ठे पर भूले भटके आए पाठकों को नए वर्ष की शुभकामनाएँ। पिछला वर्ष विश्व-अर्थव्यवस्था की भांति इस चिट्ठे के लिए भी मंदी का ही रहा। बारह महीने में कुल जमा छः प्रविष्टियाँ, तीन मई में तीन जुलाई में। इस उम्मीद के साथ कि दोनों के लिए नया साल कुछ बढ़ोतरी लाए, एक बार […]

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यदि आप ने कल की पहेली नहीं पढ़ी तो पहले उसे पढ़ें। नीरज रोहिल्ला जी ने सही पकड़ा, वही हल था। तो हुआ यूँ कि कंप्यूटर जिस के हाथ में था, उसी के पास इस ज्योतिष विद्या की कुंजी थी। यानी, हमारी बड़ी बिटिया हमें बुद्धू बना रही थी। पर विद्या काम की है, इस […]

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पिछले रविवार मैं छुट्टी के मूड में सुस्ता रहा था कि मेरी छोटी बिटिया मेरे पास आई। बोली, “पापा कमाल हो गया, आप ऊपर आ कर देखिए कंप्यूटर पर क्या हो रहा है।” मैं उस की रोज़ की घिसी-पिटी अमरीकी कार्टूनों की यूट्यूब वीडियो देख देख कर तंग आ गया हूँ, इसलिए मैं ने टाल […]

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जी हाँ, यही है इस महंगे होटल में इस नए डेसर्ट की कीमत – और यह होटल लंदन, न्यूयॉर्क या टोकियो में नहीं, श्रीलंका के दक्षिणी तट के शहर गालि (காலி) में है। छः लाख की चॉकलेट आइसक्रीम? इस में हीरे मोती जड़े हैं क्या? वैसे भी यह होटल (द फोर्ट्रेस) एशिया के सब से […]

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कल परसों मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ 2006 के सर्वश्रेष्ठ उदीयमान चिट्ठाकार (तरकश सम्मान प्राप्त) और इंडीब्लॉगीज़-2006 के सर्वोत्तम हिन्दी ब्लॉगर से मिलने का। जी हाँ, टोरोंटो की अपनी संक्षिप्त यात्रा के दौरान, मुझे उड़नतश्तरी की स्वर्ण-कलम के पीछे छिपे स्वर्णिम व्यक्तित्व के स्वामी समीर लाल जी से और उन के परिवार से उन के घर […]

Continue reading about एक चिट्ठाकार मिलन कैनाडा में

इंटरनेट पर, किसे मालूम है कि आप एक कुत्ता नहीं हो। या फिर यह कि आप फिर वही कुत्ता नहीं हो। यदि आप को मेरा अनुवाद समझ में नहीं आया, तो यह रहा टी.वी. रमण रामन का मूल कथन On the Internet, no one knows you aren’t a dog! Nor even if you are still […]

Continue reading about टी.वी.रामन – आँखें खोल देने वाला व्यक्तित्व

कुछ दिन पहले मुझे अपने चिट्ठे के हिट-काउंटर पर दिखा कि मेरी परिणीता फिल्म पर लिखी प्रविष्टि पर कोई पाठक जापानी साइट से आया है। वहाँ देख कर अच्छा लगा कि कई चिट्ठे जापानी भाषा में ऐसे लिखे जा रहे हैं जो भारत पर आधारित हैं। यह चिट्ठे भारतीयों के हैं या जापानियों के यह […]

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