377 पर 7 तर्क

Read this article in English बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ। 1861 में अंग्रेज़ों की बनाई IPC धारा 377 के अनुसार आदमी-आदमी के प्यार को अपराध करार दिया गया था। आज डेढ़ सौ साल बाद हम इस धारा को हटाने के प्रयासों में असफल हो गए […]

सफर पराई रेल का

वाशिंगटन-बॉस्टन असेला एक्सप्रेस पर मेरे सामने की सीट पर जो खिड़की के साथ महिला बैठी हैं, वह पिछले पौने घंटे से फोन पर बात करने में लगी हुई हैं। उनकी सीट की पीठ मेरी ओर है, इस कारण मुझे दिख नहीं रहीं, पर ऐसा लगता है कि अपने दफ्तर का कोई मसला हल कर रही […]

पाकिस्तान फैशन वीक है जी

आज हफिंगटन पोस्ट में पिछले नवंबर में हुए पाकिस्तान फैशन वीक से यह तस्वीर छपी है। पोस्ट नें लेख का शीर्षक दिया है “वाट द….?”। सच है, तस्वीर अपनी कहानी खुद कहती है, शब्दों की अधिक आवश्यकता नहीं है। मेरा बस यह कहना है… यह फैशन वीक है, या फैशन वीक है?

छाता लेकर निकले हम

फरवरी में भारत यात्रा के दौरान कार्यक्रम बना श्रीलंका घूमने का। श्रीलंका भ्रमण का अनुभव बहुत ही बढ़िया रहा। विस्तार से जल्दी लिखूँगा, फिल्हाल यह लघु-चित्र-प्रविष्टि। वहाँ, छाते का एक अनूठा प्रयोग देखने को मिला। अक्सर प्रेमी युगल छाता साथ लेकर चलते हैं — अकस्मात वर्षा हो जाए, उसमें तो काम आ ही जाएगा, पर […]

गूगल ने नाम बदला, टोपीका रखा

आज सुबह सुबह गूगल खोला तो देखा गूगल के स्थान पर नाम है “टोपीका”। उसके नीचे लिंक था “हमारे नए नाम के बारे में जानें“। गूगल ब्लॉग पर बताया गया है कि गूगल ने अपना नाम क्यों बदला।