रमण कौल | 9 अप्रैल, 2010

आज हफिंगटन पोस्ट में पिछले नवंबर में हुए पाकिस्तान फैशन वीक से यह तस्वीर छपी है। पोस्ट नें लेख का शीर्षक दिया है “वाट द….?”। सच है, तस्वीर अपनी कहानी खुद कहती है, शब्दों की अधिक आवश्यकता नहीं है। मेरा बस यह कहना है… यह फैशन वीक है, या फैशन वीक है?

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रमण कौल | 1 अगस्त, 2009

यह गीत किस फिल्म का है? बोल कुछ इस प्रकार हैं
गली गली में रामा चर्चा हुआ है
शोर मचा है रामा शोर मचा है
गाँव में इक छोरी सोलह की हुई है
रूप से गोरी बड़ी बला की मुई है

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रमण कौल | 11 मार्च, 2009

यूँ तो मैं नियमित रूप से अमेरिकन आइडल नहीं देखता पर भारतीय मूल के अनूप देसाई के कारण इस वर्ष रुचि बनी हुई है। पिछले सप्ताह जब उसे टॉप-12 में जगह नहीं मिली, तो मैं ने टीवी बन्द कर दिया। बाद में मालूम हुआ कि कुछ ही क्षणों बाद जजों ने टॉप-12 के स्थान पर [...]

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मुंबई के स्लम-जीवन पर केन्द्रित स्लमडॉग मिलियनेयर देखकर हॉल से निकलने के बाद अनुभूतियाँ मिश्रित थीं। फिल्म में मुंबई के झोपटपट्टी जीवन की जो छवि दिखाई गई है, उसे देख कर काफी बेचैनी लगी। अमरीकी सिनेदर्शकों से भरे हॉल में ऐसा लगा जैसे हमें पश्चिम वालों के सामने नंगा किया जा रहा है। फिल्म के [...]

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रमण कौल | 31 जुलाई, 2008

प्रभु देवा के डान्स वाला गाना तो आप ने देखा सुना ही होगा, “मुकाबला मुकाबला”। उस का तमिल वर्जन भी शायद सुना होगा। पर तमिल का अंग्रेज़ी वर्जन नहीं सुना होगा। देखने-सुनने लायक है, पेश है :

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रमण कौल | 24 सितम्बर, 2007

प्रशान्त तामांग बुरे गायक नहीं हैं, पर अमित पॉल से जीतने की शक्ति उन में गाने के आधार पर तो नहीं थी। प्रशान्त की इंडियन आइडल के फाइनल में जीत ने यह साबित कर दिया कि उन के समर्थकों ने एस.एम.एस. द्वारा अमित को ही नहीं, बल्कि और कई अच्छे गायकों को धूल चटा दी। [...]

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रमण कौल | 30 अगस्त, 2007

भाई, एस.एम.एस. द्वारा संगीत के सितारों की चयन प्रक्रिया से अन्य चिट्ठाकार बन्धुओं के साथ मैं भी परेशान हूँ। पर फिर भी देसी टीवी पर संगीत प्रतिस्पर्धाओं पर आधारित कार्यक्रम हमेशा मेरी कमज़ोरी रहे हैं, इस के बावजूद कि संगीत को कर्णप्रियता के आधार पर सुनता हूँ, बारीकी की कोई समझ नहीं है। इस कारण [...]

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रमण कौल | 18 जनवरी, 2007

यह लो, यहाँ सारा भारत और यूके शिल्पा के साथ हुए भेदभाव पर लाल-पीला हो रहा है, संसद में बात हो रही है, कूटनीतिक संबन्धों पर असर पड़ रहा है, और वहाँ शिल्पा कह रही है कि उस के साथ कोई रंगभेद वाला बरताव नहीं हो रहा। सेलेब्रिटी बिग ब्रदर न तो भारत में दिखाया [...]

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रमण कौल | 7 दिसम्बर, 2006

यह प्रविष्टि मैं बुद्धवार की शाम को शुरू कर रहा हूँ और अभी कुछ देर में सोनी टीवी पर बिग बॉस शुरू हो रहा है। तब तक मैं यह प्रविष्टि लिख लेता हूँ। जी हाँ, मैं यह रियलिटी शो नियमित रूप से देखता हूँ। कहने में थोड़ी शर्म आ रही है, क्योंकि यह अक्लमन्दों की [...]

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रमण कौल | 27 अक्तूबर, 2006

यह शीर्षक तो बढ़िया बन गया — एक एक अक्षर वाले नौ शब्द।
पिछले कुछ महीनों से मेरे यहाँ देसी टीवी लौट आया है, और साथ ही लौट आया है मेरा मनपसन्द कार्यक्रम सा रे गा मा पा, जिसे मैं सोनू निगम के समय से नियमित रूप से देखता आया हूँ। इस सीज़न में चल रहा [...]

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