पिद्दा सा कश्मीर, और आज़ादी?

कुछ दिन पहले अपने अंग्रेज़ी ब्लॉग पर मैं ने कश्मीर पर एक लेख लिखा जो कई दिनों से मन में उबल रहा था, पर कश्मीर में हो रही हाल की घटनाओं के कारण उफन पड़ा। इस लेख को काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली — कुछ टिप्पणियाँ अच्छी, कुछ बुरी। फेसबुक और ट्विटर पर सैंकड़ों लोगों ने […]

कश्मीर की जंग पॉलीथीन के संग

श्रीनगर, कश्मीर के अंग्रेज़ी अखबार ग्रेटर कश्मीर का ई-पेपर संस्करण देख रहा था तो मुख्यपृष्ठ पर यह रोचक उर्दू विज्ञापन दिखा। विज्ञापन को पढ़िए, स्वयं समझ जाएँगे कि क्या रोचक है इस में। यदि उर्दू नहीं आती तो नीचे हिन्दी अनुवाद दिया हुआ है।

आतंक से मुख्यधारा की राह क्या हो?

हाल ही के कुछ समाचार माध्यमों में खबर थी, १९९० के पूर्वार्ध में जम्मू कश्मीर छात्र स्वातंत्र्य फ्रंट के कर्ताधर्ता और आत्मसमर्पण करने वाले आतंकियों की संस्था इख़्वान‍-उल-मुस्लिमीन के सर्वोच्च कमांडर ताहिर शेख इख़्वानी ने टेरिटोरियल सेना के अफसरों की चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। बहस उठी कि क्या यह मुनासिब है कि पूर्व […]