आज सुबह सुबह गूगल खोला तो देखा गूगल के स्थान पर नाम है “टोपीका”। उसके नीचे लिंक था “हमारे नए नाम के बारे में जानें“। गूगल ब्लॉग पर बताया गया है कि गूगल ने अपना नाम क्यों बदला।

इस ब्लॉग पर गूगल के अध्यक्ष एरिक श्मिट बताते हैं कि ऐसा उन्होंने अमरीका के कैन्सस राज्य की राजधानी टोपीका की बराबरी करने के लिए किया — दरअसल हाल ही में टोपीका शहर के मेयर ने शहर का नाम बदल कर गूगल कर दिया था। आज की तिथि का ध्यान आते ही गूगल के नाम परिवर्तन का रहस्य तो समझ में आ गया (अप्रैल फूल के चक्कर में नाम परिवर्तन एक दिन का ही होगा), पर यह जानकर हैरानी हुई कि एक शहर ने अपना नाम गूगल कर दिया था – बेशक एक महीने के लिए ही सही।

टोपीका शहर ने अपना नाम गूगल क्यों रखा, इस के लिए डेढ़ महीना पीछे जाने की आवश्यकता है — फरवरी में गूगल ने घोषणा की कि वे कुछ गिने चुने क्षेत्रों में निःशुल्क तीव्र-गति ब्रॉडबैंड नेटवर्क स्थापित करेंगे, जिस से उन क्षेत्रों में रहने वाले हज़ारों लाखों लोग मुफ्त में एक गिगाबिट प्रति सेकंड की रफ्तार से मुफ्त इंटरनेट का आनन्द उठा पाएँगे। पर इसके लिए उन शहरों को गूगल के पास योजनाएँ बनाकर भेजनी पड़ेंगी कि वे इस सुविधा का किस प्रकार प्रयोग करेंगे। उदाहरण के लिए चिकित्सा क्षेत्र में उपयोग, शिक्षा क्षेत्र में उपयोग, आदि। जिन शहरों की योजनाएँ गूगल को पसन्द आएँगी, उस शहरों में यह सुपर हाइ-स्पीड फाइबर नेटवर्क लग जाएगा। प्रपोज़ल भेजने की अन्तिम तारीख थी पिछले सप्ताह – 26 मार्च को। पर अमरीका के शहरों में होड़ लग गई है गूगल के इस नेटवर्क के हकदार बनने की, वैसे ही जैसे ओलंपिक गेम्स की मेज़बानी करने के लिए लग जाती है।

कुछ शहरों ने गूगल का ध्यान आकर्षित करने के लिए अजीब हथकंडे अपनाए। डुलूथ, मिनिसोटा के मेयर ने बर्फीली झील में छलाँग लगाई, और कहा कि हम अपने शहर में पैदा होने वाले कई बच्चों का नाम गूगल रखेंगे। टोपीका, कैन्सस ने अपना नाम एक महीने के लिए गूगल रख लिया। सैरासोटा, फ्लोरिडा के मेयर शार्कों भरे तालाब में तैरे। बाल्टीमोर की मेयर ने एक विशेष मन्त्री नियुक्त किया, जिसे गूगल ज़ार की उपाधि दी गई। गूगल ने बताया है कि उन्हें कोई 600 क्षेत्रों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। फैसला 2010 के अन्त तक होगा।

एक साइड नोट यह कि मुझे आज तक मालूम नहीं था कि कैन्सस राज्य की राजधानी टोपीका है। टोपीका, यह कोई नाम है? देश के अधिकांश राज्यों की राजधानियाँ बड़े नामी गिरामी शहरों में न होकर अनजाने से शहरों में हैं, जिसका फंडा मुझे समझ में नहीं आया। विकीपीडिया के अनुसार, पचास में से 33 राज्यों की राजधानियों उन शहरों में हैं जो उन राज्यों के बड़े शहर नहीं हैं। उदाहरण के लिए कैलिफोर्निया की राजधानी लॉस-एंजेल्स न होकर सैक्रामेंटो है, न्यूयॉर्क की न्यूयॉर्क न होकर आल्बनी, फ्लोरिडा की मयामी न होकर टालाहासी, आदि।

जैसा भारत में पढ़ने वाले अधिकांश पाठक जानते होंगे, यह नाम परिवर्तन भारत में नहीं दिखा। Google.co.in के साथ साथ मैक्सिको, ब्राज़ील, आदि सभी देशों के गूगल का नाम अपरिवर्तित रहा। गूगल को लगता है ज़्यादा बेवकूफ अमरीकियों को ही बनाया जा सकता है।

Tags: , ,

2 Comments on गूगल ने नाम बदला, टोपीका रखा

  1. वाह! राजनीति का यह रूप अच्छा लगा। मेयर कितनी मेहनत कर रहे हैं! भारत में कोई मेयर या मंत्री ऐसा करेगा ?

  2. सच्चीऽऽऽ
    अगर भारत में ऐसा करना पड़ा तो शहर का नाम क्या रखा जायेगा? शायद सविता भा.. या देसीबा..
    🙂
    वापसी की मुबारकबाद स्वीकार करें।

Leave a Reply