यदि आप ने कल की पहेली नहीं पढ़ी तो पहले उसे पढ़ें। नीरज रोहिल्ला जी ने सही पकड़ा, वही हल था।

तो हुआ यूँ कि कंप्यूटर जिस के हाथ में था, उसी के पास इस ज्योतिष विद्या की कुंजी थी। यानी, हमारी बड़ी बिटिया हमें बुद्धू बना रही थी। पर विद्या काम की है, इस लिए आप भी सीखिए और अपने दोस्तों को अचंभे में डालिए। यह लीजिए यह रहा साइट का पता - http://peteranswers.com/। ऊपर के खाने में आप को Peter, please answer: दिखेगा, और नीचे वाले खाने में अपना प्रश्न। पर यदि आप ने वैसे ही लिखा जैसा नीचे दिख रहा है, तो जवाब कुछ उल्टा सीधा मिलेगा। दरअसल सारा खेल ऊपर वाले खाने का है, जिस में उत्तर छिपा हुआ है। पहले अपने मित्र से प्रश्न पूछिए। यदि आप को उस का उत्तर नहीं मालूम है, तो उसी से पूछिए कि उसे किस जवाब की उम्मीद है। कहिए पीटर इस कमरे की हवा को भांप लेता है, या कुछ ऐसा ही। फिर पहले खाने में डॉट (.) डालिए, लेकिन दिखेगा “P”। फिर अपना जवाब लिखिए, पर स्क्रीन की तरफ देखने वाले को “Peter, please..” दिखेगा। उत्तर के अन्त में फिर डॉट (.) डालिए, उस के बाद जो लिखेंगे वही दिखेगा। अन्त में कोलन (:) डालना मत भूलिए। फिर निचले खाने में प्रश्न लिखिए, अन्त में प्रश्न चिह्न डालिए। कमाल देखिए - पीटर उत्तर दे देगा।

पीटर आन्सर्स

यहाँ मैं ने ऊपर वाले खाने में “Peter, please answer:” नहीं लिखा है, बल्कि “.chittha.ease answer:” और फिर निचले खाने में प्रश्न लिखा है। प्रश्न चिह्न (?) डालते ही उत्तर नीचे दिख जाता है।


“कल की पहेली का हल - पीटर का कमाल” पर 3 टिप्पणियाँ

  1. 1 नीरज रोहिल्ला

    अरे वाह, ये तो वही पुराना वाला खेल निकला :-)

    इंटरनेट पर इतना समय बर्बाद करने का कुछ तो फ़ायदा मिला :-)

  2. 2 Prashant

    सही है गुरु.. :)

  3. 3 आलोक

    पीटर दा जवाब नहीं।

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