Its never just a game when you’re winning.
George Carlin

अब चूँकि हम हार गए हैं, तो हम कह सकते हैं कि इट्स जस्ट ऍ गेम।

बीबीसी पर मुकुल केशवन पूछते हैं, क्या भारत की हार क्रिकेट के लिए फ़ायदेमंद है? मुकुल का तर्क बिल्कुल सही है। वे भारत और पाकिस्तान के घर लौट आने पर कहते हैं

क्रिकेट जगत के इन दोनों दिग्गज़ (sic) काग़जी शेर (sic) के बाहर होने से अब क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान असली क्रिकेटरों और क्रिकेट खेल पर जा सकेगा.

पर मेरा प्रश्न दूसरा है, क्या (भारत की) क्रिकेट में हार भारत के लिए फ़ायदेमंद है? यदि भारत की क्रिकेट-क्रेज़ी जनता, मीडिया और सब से ज़रूरी, खेल प्रबन्धक जागें तो। जैसा मैं ने बहुत पहले एक पोस्ट में लिखा था, क्रिकेट हमारे बाकी खेलों पर और विश्व स्तर पर हमारी खेल-क्षमता पर परछाई बन कर खड़ा हुआ है। यह एक विडंबना ही है, कि जिस खेल का हमारे उपमहाद्वीप में सब से ज़्यादा बोलबाला है, वह अंग्रेज़ों की गुलामी की याद दिलाता है। क्या कारण है कि नीदरलैंड्स को छोड़ कर एक भी ऐसा देश क्रिकेट नहीं खेलता जो अंग्रेज़ों का गुलाम न रहा हो। जो देश क्रिकेट खेलते भी हैं, उन में (भारतीय उपमहाद्वीप के देशों को छोड़ कर) एक भी ऐसा नहीं है जिस में क्रिकेट मुख्य खेल हो। कैनाडा में यदि आम आदमी से क्रिकेट के बारे में पूछा जाए तो शायद ही उसे इस खेल के बारे में कुछ मालूम हो या यह पता हो कि कैनाडा की कोई क्रिकेट टीम है, जो विश्व कप क्रिकेट में भाग ले रही है। इस से मिलता जुलता हाल ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में होगा। भारत के लिए बहुत ज़रूरी है कि ऐसे खेलों की तरफ ध्यान दे, जो उन की ओलंपिक मैडल तालिका को शून्य से ऊपर सरका सके।

खैर फिलहाल मीडिया से ले कर दर्शकों, कंपनियों, और ब्लॉगरों तक लोगों को लग रहा है कि उन के साथ धोखा हुआ है। इस वर्ष के इंडीब्लॉग्स विजेता ग्रेटबौंग ने पहले ही दिन अपने दो सौ डॉलर को अलविदा कह दिया था जो उन्होंने क्रिकेट वर्ल्ड कप को टीवी पर देखने के लिए खर्च कर दिए थे – जब भारत बांग्लादेश के हाथों मार खा गया था। अब उन को दो सौ डॉलर यानी लगभग नौ हज़ार रुपए में भारत के केवल तीन मैच देखने को मिलने थे, जिन में से एक वह हार चुका था। आखिरी मैच के समय उन को विश्वास हो गया कि सौ करोड़ “नीलस्वप्नदर्शियों” के वेट-ड्रीम का शीघ्रपतन हो गया है।

चलिए इस बात पर गर्व किया जाए कि बर्म्यूडा को भारत ने धूल चटाई। पर उस से पहले बर्म्यूडा पर एक नज़र डाली जाए, ताकि इस “ऐतिहासिक” विजय को सही परिपेक्ष्य में देखा जाए

– बर्म्यूडा की आबादी 67,000 है, यानी झुमरी तलैया से कम
– बर्म्यूडा का क्षेत्रफल 53.3 वर्ग कि.मी. है – यूँ समझिए कि कनॉट प्लेस को केन्द्र मान कर 4 किलोमीटर त्रिज्या का वृत खींच दीजिए। इंडिया गेट से दरयागंज तक का जो इलाका बनेगा, उसे 138 टुकड़ों में बांट दीजिए। यह बर्म्यूडा है, जिस में 138 द्वीप हैं।

ऐसे देश की क्रिकेट टीम है, यह विश्व क्रिकेट की मजबूरी को दर्शाता है, और इस देश की टीम ने भारत के पाँच खिलाड़ी आउट कर दिए, यह भारतीय टीम की मजबूर हालत को।

अन्त में भारतीय क्रिकेट टीम की शान में विशेष रूप से रिकार्ड किया गया यह गीत देखिए और सुनिए (सूचना सौजन्य RMIM)

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3 Comments on क्या क्रिकेट में हार भारत के लिए फ़ायदेमंद है?

  1. अजी मैं तो कहता हूँ कि दो चार और सीरीज हार जाए टीम इंडिया ताकि सरकार क्रिकेट के सिवा अन्य खेलों पर भी ध्यान दे सके। इतना पैसा और संसाधन अन्य खेलों में लगाया जाता तो अब तक ओलंपिक में दो चार स्वर्ण अवश्य मिल गए होते।

  2. […] रमण चलिए इस बात पर गर्व किया जाए कि बर्म्यूडा को भारत ने धूल चटाई। पर उस से पहले बर्म्यूडा पर एक नज़र डाली जाए, ताकि इस “ऐतिहासिक” विजय को सही परिपेक्ष्य में देखा जाए – बर्म्यूडा की आबादी 67,000 है, यानी झुमरी तलैया से कम – बर्म्यूडा का क्षेत्रफल 53.3 वर्ग कि.मी. है – यूँ समझिए कि कनॉट प्लेस को केन्द्र मान कर 4 किलोमीटर त्रिज्या का वृत खींच दीजिए। इंडिया गेट से दरयागंज तक का जो इलाका बनेगा, उसे 138 टुकड़ों में बांट दीजिए। यह बर्म्यूडा है, जिस में 138 द्वीप हैं। […]

  3. और भारत ने बर्मूडा के सामने जो भी रिकार्ड बनाये उससे भी ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं थी। वास्तव में ऐसे रिकॉर्ड गिने ही नहीं जाने चाहिये।

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