यह लो, यहाँ सारा भारत और यूके शिल्पा के साथ हुए भेदभाव पर लाल-पीला हो रहा है, संसद में बात हो रही है, कूटनीतिक संबन्धों पर असर पड़ रहा है, और वहाँ शिल्पा कह रही है कि उस के साथ कोई रंगभेद वाला बरताव नहीं हो रहा। सेलेब्रिटी बिग ब्रदर न तो भारत में दिखाया जाता है, न यहाँ अमरीका में देखने को मिलता है, पर यू-ट्यूब पर जो दृष्य देखने को मिले, उन से यह तो नहीं लगता कि उन के साथ बहुत बुरा बरताव हो रहा है। यह देखिए कैसे बहस होने के बाग गले-वले मिला जा रहा है।

जो लोग भारत में बिग बॉस देखते हैं, उन्हें मालूम है कि इस शो में लोगों को इस घर में रहने के लिए बखेड़ा खड़ा करते रहना है, और एक दूसरे को बाहर करने की कोशिश करते रहना है — जितनी बेहूदगी हो उतना अच्छा। हाँ, अलग संस्कृति से आने के कारण, शिल्पा एक अलग प्रकार का अलगाव और अकेलापन महसूस कर रही है, और इन बेहूदगियों के कारण यह सब उस के लिए असह्य हो रहा है। पर वह बाहर भी नहीं आना चाहेगी, चाहे वह कितनी बार रोए, और बाहर आने की बात करे। वरना वह जाती ही क्यों ऐसे कार्यक्रम में भाग लेने के लिए?

जैसे मैं ने पहले कहा था, भारत के बिग बॉस में जो सेलेब्रिटियाँ भाग ले रही हैं, वे नीम मशहूर हस्तियाँ हैं। उन के पास खोने को बहुत कुछ नहीं है, न समय, न पैसा, न शोहरत। लगता है, वही सब इस जेल से मिल जाए तो अच्छा। जैसे मीडिया-युग में “सूचक” बता रहे हैं

अपने ढलते कैरियर में रवानी लाने को उन्होने एक ऐसे कार्यक्रम में शरीर (?) होना स्वीकारा, जो इससे पहले भी अपनी प्रस्तुति में विवादों में रहा है। ये कार्यक्रम भी ब्रिटेन में धार खो रहा था। सो शिल्पा का यहां आना। उनका घुलना मिलना। जलन पैदा करना। खाना बनाना। गाली सुनना। रोना। और रेटिंग का बढ़ना।

सूचक बताते हैं कि “यहां इसी कार्यक्रम (बिग बॉस) का प्रसारण एक निजी चैनल पर हो रहा है, और सीमित दायरे में इसकी पहुंच है। सो अफेयर चले या खींचतान, फर्क बहुत नहीं पड़ता।” मुझे नहीं मालूम भारत में बिग बॉस को कितना देखा जा रहा है, और कितना पसन्द किया जा रहा है, पर मैं सोच रहा था कि भारत में सोनी की पहुँच ब्रिटेन के चैनल फोर से कम नहीं होगी। हाँ यह ज़रूर है कि कुछ तो अन्तर होगा ही भारतीय टीवी और ब्रिटिश टीवी में। बिग बॉस में गालियों को “बीप” कर दिया जाता है, बिग ब्रदर में गाली गलौज़ होती है तो वह टीवी पर सीधी सुनाई जाती है, यह देखिए इस वीडियो में शिल्पा भी गाली देने से बाज़ नहीं आ रही।

इधर बिग बॉस में कश्मीरा शाह कुछ दिन के लिए वापस आ कर तूफान मचा रही है, और उस की सब से बड़ी शिकार है राखी सावन्त। कश्मीरा को उस के बाहर जाने से पहले राखी ने जो कुछ बुरा भला कहा था, उस का पूरा बदला कश्मीरा ने एक दिन में चुका दिया। अभी तक घर वालों को शो में बाहर क्या हो रहा है, इस के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी – सब एक दूसरे की बुराइयाँ कर रहे थे इस भरोसे के साथ कि सामना तो बाहर ही होना है — अभी तो बस जीतना है। पर कश्मीरा ने राखी के टीवी पर दिखाए गए बयानों के बारे में सब को बता कर उन्हें उस के खिलाफ कर दिया। लगता है राखी सभी घरवालों में से सब से साधारण बैकग्राउंड से आई है, और सब से कम प्रतिष्ठित पेशे में है – आइटम गर्ल के। यह बात अलग है कि शायद इन सब लोगों में से ज़्यादा काम उसी के पास है। शायद इस कार्यक्रम से सब से ज़्यादा फायदा भी उसी को होने वाला है। पर कल के एपिसोड में सब लोगों ने उस के विरुद्ध इतनी गुटबन्दी की कि उस ने वीरू की तरह सूसाइड करनी की धमकी तक दे डाली।

मुझे नहीं लगता कि आम सेलेब्रिटी प्रतियोगियों को प्रतिष्ठा या काम के रूप में इस कार्यक्रम से बहुत कुछ मिलने वाला है। हाँ इस कार्यक्रम से जो पैसा मिलेगा, वही गनीमत है। सब लोगों में जितना सेलेब्रिटीपना बचा हुआ था, वह दिन रात के झगड़ों से खत्म हो गया और यह लोग आम लोगों की श्रेणी में आ गए। हाँ, यदि आप सोच रहे हैं कि कितने बेवकूफ लोग इस शो को देखते हैं, और कितने इस के बारे में लिखते हैं, तो मैं यही कहूँगा कि सास-बहू के झगड़ों वाले कार्यक्रमों के मुकाबले यह कई गुणा बेहतर है। मानव स्वभाव के बारे में बहुत कुछ पता लगता है इस शो से। घर के बहुत की कम सदस्य ऐसे हैं, स्त्री या पुरुष, जो कम से कम एक बार रोये न हों। हाँ, वहाँ शिल्पा और यहाँ (पिछले हफ्ते निकली) रुपाली ने तो रोने का ठेका ही ले रखा है।

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5 Comments on भेदभाव – वहाँ शिल्पा, यहाँ राखी

  1. हाँ इस कार्यक्रम से जो पैसा मिलेगा, वही गनीमत है। …बहुत सही कह रहें हैं आप, रमण भाई. बस इसके सिवा कुछ नही!!

  2. Tarun says:

    लोकप्रियता पाने का खेल है, वहाँ चैनल ४ माइनोरटी दर्शक अपने तरफ खींचने के लिये शिल्पा को मोटी रकम देकर प्रोग्राम में लाया, अब पैसे और कांट्रेक्ट के बदले थोडा तो रोना ही पडेगा। शिल्पा आज पलट गयी और अपनी पागल पब्लिक बेवकूफों की तरह फिर से पूतले फूँकने में लगी है। इनसे भी बेहतर प्रोग्राम टीवी में दिखाये जाते हैं, ज्यादा ही हो हल्ला मचाया है इसका। शिल्पा अलग अलग संस्कृति के चक्कर में उलझी है शायद। खुद शिल्पा का कहना है कि भारत में उसे मैडम कह के संबोधित किया जाता है और यहाँ इस तरह से बोल रहे हैं…common shilpa what do you think others

  3. एक बात तो आपने बिल्कुल सही कही कि सास बहु के घटिया धारावाहिकों से लाख दर्जे बेहतर है बिग बॉस। इससे यह तो पता चलता है कि सेलिब्रिटी किस तरह सोचते हैं।
    वैसे रूपाली इस शो की जान थी उसके जाने के बाद बिग बॉस नीरस लगता है। 🙂

  4. divyabh says:

    रमन भाई,
    जायज टिप्पणी की है आपने लेकिन यह भी तो
    है कि एक छत्त के नीचे इतने अलग-अलग विचारों
    के लोग जिनके पास अपना Ire भी है।रहना मुश्किल
    हो जाता है क्योकि मनोरंजन का साधन भी नदारत
    होता है…और 24 घंटे साथ रहना शो तो मात्र 2 घंटे
    का ही दिखाया जाता है…बहुत मुश्किल है…रहना॥

  5. जीतू says:

    मै तो यही कहूंगा कि ये सब नाटक है। अगर कोई इसे सचमुच का मानता है तो एक एक्सपेरीमेंट करके देखो:

    चैनल ४ शिल्पा को एक आफ़र दे, कि अपने कांट्रेक्ट के मुताबिक वो शो से कभी भी बाहर आ सकती है, बशर्ते वो शामिल होने के मेहनताने का आधा हिस्सा वापस कर दें।

    फिर देखें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। अगर आप शो को देखते है, तो आप खद ही समझ जाएंगे कि असल मे कित्ता गाली गलौच होता है शो मे। और हाँ पुतले जलाने वाले और विरोध करने वाली पार्टियों को अपने पजामे से निकलने की जरुरत नही है, बस कोई चैनल शो का हिन्दी प्रसारण कर दें, फिर देखो, पुतले जलाने वाले, पुतले तो जलाएंगे, लेकिन शिल्पा के। क्योंकि फ़ालतू लोग, कुछ तो करेंगे ही ना।

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