यह प्रविष्टि मैं बुद्धवार की शाम को शुरू कर रहा हूँ और अभी कुछ देर में सोनी टीवी पर बिग बॉस शुरू हो रहा है। तब तक मैं यह प्रविष्टि लिख लेता हूँ। जी हाँ, मैं यह रियलिटी शो नियमित रूप से देखता हूँ। कहने में थोड़ी शर्म आ रही है, क्योंकि यह अक्लमन्दों की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। कई बार यह शो वाहियात और बोरिंग ज़रूर हो जाता है, पर आम तौर पर भारतीय टेलीविजन के लिए यह प्रयोग अपने आप मे अनूठा है, बेशक यह अमरीका के बिग ब्रदर की नकल हो।



यह शो शुरू हुआ तेरह नीम-मशहूर हस्तियों से, जिन्हें एक घर में इकट्ठे कैद रहना है। हर हफ्ते एक प्रतियोगी ने बाहर जाना है – और जीतने वाला व्यक्ति वहाँ तेरह सप्ताह तक रहेगा/गी। नीम-मशहूर इसलिए कि मशहूर हस्तियाँ तो तेरह हफ्ते का समय नहीं निकाल पाएँगी, न ही बिना क्रीम पाउडर वाला चेहरा-मोहरा दुनिया को दिखाने की हिम्मत कर पाएँगी। इन सब के पास खोने को बहुत कुछ नहीं है, हाँ इस शो से मिली मशहूरी से कुछ पा ज़रूर लें। शुरू में जो सितारे बिग बॉस के घर में आए, उन में से कुछ ही नाम थे जो पहचाने हुए थे वे भी कुछ पुराने से – अनुपमा वर्मा, राहुल रॉय, दीपक पाराशर, सलिल अंकोला, कश्मीरा शाह। बॉबी डार्लिंग का चेहरा देखा था, नाम अब सुना। राखी सावन्त का नाम सुना था, चेहरा अब देखा। कैरल ग्रेसियास, रूपाली गांगुली, रवि किशन, अमित साध, आर्यन वैद, रागिनी शेट्टी के नाम पहली बार सुने, चेहरे पहली बार देखे। पहले हफ्ते के बाद ही सलिल अंकोला को एकता कपूर के मुकदमे के कारण शो से बाहर जाना पड़ा, और उस का स्थान दीपक तिजोरी ने ले लिया। उस के इलावा आज तक चार लोग बाहर जा चुके हैं। बाकी लोगों की हालत खराब है, और सभी किस तरह से एक दूसरे को काटने में लगे हुए हैं, और किस तरह बाहर की दुनिया के रिश्तों की परवाह न कर के नए रिश्ते जोड़ने में भी लगे हुए हैं, वह देखने योग्य है। शो के विषय में कुछ बातें

  • इंटरनेट पर खोज करने पर पता चला कि दर्जनों साइटें इस शो के ऊपर बनी हैं, दो आधिकारिक साइटें तो हैं ही, उस के अतिरिक्त biggboss.in, biggboss.org, आदि साइटें इस शो की रोज़ाना खबर देती रहती हैं। यहाँ तक कि लोकतेज वालों ने इस पर हिन्दी में एक विशेष चिट्ठा शुरू किया है। नारद जी, सुन रहे हैं न? वैसे अपने हिन्दी ब्ल़ॉगजगत में इस के विषय में जो इकलौती प्रविष्टि लिखी गई थी उस में इस शो से दूर ही रहने की सलाह दी गई थी।
  • शो के कुछ नियम हैं। हर प्रतियोगी को हर समय माइक पहन कर रहना है, जो चालू रहना चाहिए – सोने के समय को छोड़ कर। घर में लगे तीस कैमरे इन की हर हरकत को देखते रहेंगे (बाथरूम को छोड़ कर), और इन तीस कैमरों की 24×7 फीड को संपादित कर के हफ्ते में पाँच घंटे टीवी पर दिखाया जाएगा।

  • इस घर में कोई बाहरी मनोरंजन नहीं है। टीवी, अखबार, फोन, रेडियो, संगीत, कुछ भी नहीं। इस घर को छोड़ कर कोई तब तक बाहर नहीं आ सकता जब तक जनता उसे मतदान द्वारा बाहर न कर दे।

  • हर प्रतियोगी को केवल हिन्दी में ही बात करनी पड़ेगी, जो कि कुछ लड़कियों के लिए बहुत मुश्किल काम है – जैसे कैरल, रागिनी, अनुपमा। हालाँकि सब कोशिश करते हैं हिन्दी बोलने की, पर फिर भी “मातृभाषा” अंग्रेज़ी सब के मुँह से फूट ही जाती है — और उन को इस के लिए चेतावनियाँ भी मिल चुकी हैं बिग बॉस से। सब से मज़ेदार हिन्दी कैरल और रागिनी बोलती हैं, जो दोनों दक्षिण भारत से हैं।

  • कई चीज़ें देख कर शक होता है कि यह रियलिटी शो कितना रियल है। हर सप्ताह प्रतियोगियों के नामांकनों के आधार पर बाहर होने वाले दो या अधिक प्रतियोगियों की शॉर्ट लिस्ट बनाई जाती है। फिर जनता के एस.एम.एस. के आधार पर उन में से एक को बाहर किया जाता है। अब प्रतियोगियों के जेंडर पर नज़र डाली जाए। शुरू में तेरह में से छः पुरुष थे, छः महिलाएँ, और एक बॉबी डार्लिंग, जो स्वयं को पुरुष के शरीर में नारी समझता है। यानी साढ़े छः – साढ़े छः का बटवारा। मतदान के द्वारा सब से पहले बाहर जाने वाले बॉबी डार्लिंग ही थे, और अब तक दो महिलाएँ और दो पुरुष और जा चुके हैं। क्या यह सन्तुलन एक संयोग है, या आयोजकों द्वारा रखा गया है ताकि स्कैंडल पनपने की पूरी संभावना रहे — आखिरकार तभी तो लोगों की शो में रुचि रहेगी। बिग ब्रदर में तो अब तक बहुत कांड हो गए होते। इस समय एक पुरुष (आर्यन) और एक महिला (कैरल) नामांकित हैं, जिन में से जनता एक को बाहर जाने के लिए चुनेगी।

  • कहा गया है कि जीतने वाले को पचास लाख रुपये मिलेंगे। पर कहा यह भी जा रहा है कि भोजपुरी स्टार रवि किशन को केवल साइऩ करने के ही चालीस लाख मिले हैं, और हर हफ्ते शो पर रहने के चार लाख मिल रहे हैं। शो पर ऐसे काम तो उन्होंने काफी किए हैं कि बीवी को जवाब देना पड़े, पर शायद यह कहने से काम चलाएँगे – डार्लिंग, वह तो सब एक्टिंग थी।

    इन नीम हस्तियों को झाड़ू लगाते हुए, रोटियाँ बेलते हुए, लड़ते झगड़ते हुए, रोते हुए, धोते हुए, छल कपट करते हुए देखना है तो यह शो अवश्य देखें।

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8 Comments on बिग बॉस

  1. काफ़ी रोचक जानकारी दी है, लगता है कि शो देखना पड़ेगा…

  2. जी हाँ, मैं यह रियलिटी शो नियमित रूप से देखता हूँ। कहने में थोड़ी शर्म आ रही है, क्योंकि यह अक्लमन्दों की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।

    मैं भी 🙂
    नियंत्रित वातावरण में एक्स्पेरीमेंट देखने का मज़ा है ,

  3. बिग-बॉस अक्लमन्दों की कसौटी पर खरा नहीं उतरता, माना. मैं हर रोज यह कह कर सोता हूँ की अब इसे देख कर समय बरबाद नहीं करूँगा पर फिर भी परिवार के साथ इस शो को देखता रहता हूँ. दुसरे के फटे में टाँग डालने का आनन्द हर कोई लेना चाहता है.
    कैरल की हिन्दी तथा रवि किशन की नौटंकी (अंहकार भी) मजेदार है.

  4. ratna says:

    देखूँ तो कोई बात कहूँ।

  5. SHUAIB says:

    शुक्रिया रमणजी

  6. भारत में ‘रियलिटी शो’ अभी अपने जन्म-काल में है . तब भी यह जानना रोचक होगा कि भारतीय परिवेश में इन्हें कैसे ढाला गया है. जानकारी के लिये आभार. अब देखने का प्रयास करूंगा .

  7. रमनजी, सुझाव के लिये धन्‍यवाद। आगे से शीर्षक चयन में अवश्‍य ही आपके सुझाव अनुसार सर्तकता बरतेंगे, जिससे कहानी का सस्‍पेंस न टूटे।

  8. रमन जी शायद आपकी बिग बॉस में क्या हुआ की परेशानी दूर हो सकती है यदि आप हिन्दी चिट्ठे एवं पॉडकास्ट के प्रविष्टियों की RSS फीड अपने रीडर में ले। यह भी हिन्दी चिट्ठों की सारी नयी प्रविष्टियों को दिखाता है। किसी कारणवश यह बिग बॉस में क्या हुआ की प्रविष्टियों को तो ले लेता तो है पर ठीक से दिखा नहीं पाता है। बाकी लगभग सारी चिट्ठों की प्रविष्टियां यह ठीक से दिखाता है।

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