विवाह के विषय में कुछ सुभाषित (पुरुषों की नज़र से)


मैं ने सुना है कि प्रेम रसायनशास्त्र की तरह है। शायद यही वजह है मेरी पत्नी मुझे विषैले पदार्थ के समान समझती है।   

- डेविड बिसोनेट


कोई व्यक्ति यदि आप की पत्नी को चुरा लेता है, तो उस से बदला लेने का सब से बेहतर तरीका है कि उसे ही रखने दो।   

- साचा गिल्ट्री


विवाह के बाद पति पत्नी एक ही सिक्के के दो पहलू बन जाते हैं — वे एक दूसरे का मुँह नहीं देख सकते हैं पर सदा साथ रहते हैं।   


विवाह आप के लिए हर तरह से लाभकारी है — यदि अच्छी पत्नी मिली तो सुखी रहेंगे, बुरी मिली तो फिलासफर बनेंगे।   

- सुकरात


सफल विवाह में कुछ लेना होता है, कुछ देना। पति का देना और पत्नी का लेना।   


नारी हमें महान कार्य करने की प्रेरणा देती है, और उन्हें अंजाम देने से रोकती है।   

- ड्यूमास


जीवन का सब से दुष्कर प्रश्न, जिस का मुझे उत्तर नहीं मिल पाया है….. “आखिर नारी चाहती क्या है?”   

- फ्रायड


हमारा वार्तालाप हुआ — मैंने कुछ शब्द कहे, और उस ने कुछ पृष्ठ कहे।   


“कुछ लोग मुझ से हमारे सफल दांपत्य जीवन का राज़ पूछते हैं। हम हर सप्ताह में दो बार रेस्तराँ जाने का समय निकालते हैं — कैंडल-लाइट डिनर, कुछ संगीत, कुछ नाच। वह हर मंगल जाती है, मैं हर शुक्र।”   

- हेनरी यंगमैन


“मैं आतंकवाद से नहीं ड़रता। मैं दो साल तक शादीशुदा रहा हूँ।”   

- सैम किनिसन


“बीवियों के बारे में मेरी हमेशा किस्मत ख़राब रही है। पहली मुझे छोड़ कर चली गई, और दूसरी नहीं गई।”   

- पैट्रिक मरे


यह सही है कि सब लोग आज़ाद और बराबर जन्म लेते हैं, पर कुछ लोग शादी कर लेते हैं!   


विवाह एक ऐसी विधि है जिस के द्वारा आप यह मालूम करते हैं कि आप की पत्नी को किस तरह का व्यक्ति दरकार था।   


विवाह को आनन्दमय रखने के दो राज़   

1. जब आप गलत हों तो गलती मान लें
2. जब आप सही हों तो चुप रहें

- नैश


मेरी पत्नी को बस दो शिकायतें हैं — पहनने को कुछ नहीं है, और कपड़ों के लिए अलमारियाँ काफी नहीं हैं।   


मैं शादी से पहले क्या करता था? …. जो जी में आता था।   

- हेनरी यंगमैन


मेरी पत्नी और मैं बीस साल तक बहुत खुश रहे। फिर हमारी मुलाकात हुई।   

- रॉडनी डेंजरफील्ड


एक अच्छी पत्नी हमेशा अपनी ग़लती के लिए अपने पति को माफ कर देती है।   

- मिल्टन बर्ल


शादी एक अकेला ऐसा युद्ध है जिस में आप अपने शत्रु के साथ सोते हैं।   

- अनाम


“मैं ने अपनी पत्नी से कई वर्षों से बात नहीं की। मैं बीच में नहीं टोकना चाहता था।”   

- रॉडनी डेंजरफील्ड


Tags:

“चुटकुला-गूँज + सुभाषित-सहस्र” पर 11 टिप्पणियाँ

  1. कमाल का संग्रह हैं, बहुत खुब.

  2. आशीष says:

    रमण भाई,
    क्यों डरा रहे हैं, बडी मुश्किल से तो लाईन क्लीयर हुयी है, अब मुड बना तो आपने डराना शुरू कर दिया

    आशीष

  3. रवि says:

    भई वाह!

    क्या मैं ऐसी ही कुछ और सामग्रियों की मांग कर सकता हूँ?

  4. रमण जी, बेहतरीन और चुस्त अनुवाद बन पड़ा है इन सुभाषितों का। इन्हें विकिपीडिया हिन्दी पर भी जोड़ सकते हैं। ज्यों-ज्यों इस तरह के और सुभाषित मिलें, जोड़ते जाइएगा। अनुवाद के लिए आप मेरी अथवा रवि जी की सहायता भी ले सकते हैं।

  5. अनुनाद says:

    दूसरों के दुख सुनकर कितना सन्तोष मिल रहा है?

  6. बहुत बढ़िया संकलन

  7. eshadow says:

    फिर से पढकर, लेकिन इस बार हिंदी में, मजा आया।

  8. बहुत खूब!मजा आ गया पढ़कर।

  9. [...]  जोगलिखे तीरों ने बढ़िया गुदगुदियाँ मचाईँ. कुछ इधर उधर की से चुटकुलों जैसे विचारों के बेलगाम प्रवाह बहे तो बरबस हँसी छूट गई. रीडर्स कैफ़े पर निठल्ला चिंतन करते चुटकुलों की तो बात ही क्या थी. [...]

  10. Wow ! Great Compilation. Need some more topics. Thank you.

    Thanks & regards

    Jeetendra Kumar Mishra.

  11. rintu says:

    Bahut maja aya….

आप की राय