पिछले सप्ताह फ़ॉरवर्ड किए हुए मेलों में एक मेल आया जिस में कई सारे कार्टून थे। मुझे अच्छे लगे, विशेषकर क्योंकि ऑरिजिनल भारतीय थीम के कार्टून थे। सोचा आगे फ़ॉरवर्ड करने के बदले अपने ब्लॉग पर डाल देता हूँ — कई दिनों का सन्नाटा छंट जाएगा। पर आदत के अनुसार पहले छानबीन की। कार्टूनों के ऊपर नाम पढ़ा, फडणीस था। नाम सुना सा लगा, खोज की तो उन की साइट भी मिली, और मेल में भेजे गए सारे कार्टून उन की साइट पर थे। आप भी देखिए, और यदि कोई आप को ये कार्टून भेजे तो आगे फ़ॉरवर्ड करने के बदले कार्टूनिस्ट का लिंक फ़ॉरवर्ड करें। नमूने के लिए एक कार्टून यहाँ पर।

शिवराम दत्तात्रेय फडणीस 81 वर्ष के हैं और ये कार्टून उन्होंने 1952 से लेकर 1993 तक बनाए हैं। कार्टूनों के अतिरिक्त पाठ्य पुस्तकों में भी चित्र बनाए हैं। कार्टूनों के सीडी और पुस्तकें भी उपलब्ध हैं पर उन की साइट पर खरीदने का कोई आसान तरीका नहीं है।

मुझे अभी ठीक से याद नहीं आ रहा है, पर शायद इन के कार्टून बचपन में नन्दन, पराग आदि बाल पत्रिकाओं में भी देखने को मिलते थे।

6 Comments on फडणीस के कार्टून

  1. काफी मजेदार हैं

  2. ratna says:

    जानकारी के लिए धन्यवाद । आज आपका लेख (एक नास्तिक हिन्दू) भी पढ़ा, विचारों के लिए बधाई स्वीकार करें ।

  3. बहुत सुन्दर कार्टून हैं, खास तौर पर वह जिसमें माँ शास्त्रीय संगीत का रियाज कर रही है और बच्चा उसे रोता समझ कर चॉकलेट और रुनझुने से चुप कराने की कोशिश कर रहा है |

  4. 🙂
    बहुत मजेदार है. 😉

  5. बहुत संदर । कलाकार को नमन। आपका धन्यवाद कला से अवगत कराने हेतु।

  6. जानकारी के लिए धन्यवाद।

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