अभी तक हिन्दी ब्लॉगजगत में हम लोग कोशिश करते रहे हैं कि विवादास्पद विषयों से दूर रहें। पर जैसे जैसे ब्लॉगरों की संख्या बढ़ रही है, विषयों का क्षितिज भी बढ़ रहा है। ऐसे में शुऐब ने अपनी मज़हब से बेज़ारगी ज़ाहिर कर के काफ़ी साहस का परिचय दिया। उन्होंने यह भी बताया कि अपने […]

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admin on March 19, 2006

बात मेरी इस प्रविष्टि के साथ शुरू हुई। मैं ने दो तीन इंटरनेट रेडियो स्टेशनों के लिंक दे कर यह प्रविष्टि लिखी, और टिप्पणियों में दो चार और लिंक मिले। इन से मेरी रेडियो पर हिन्दी गाने सुनने की ज़रूरत काफी हद तक पूरी हो गई। साथ ही इंटरनेट पर मैं और स्टेशन खोजता रहा। […]

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admin on March 17, 2006

बेचारे शुऐब परेशान हैं। दुबई से भारत जा रहे हैं, और रिश्तेदारों की माँगें हैं — यह ले कर आओ वह ले कर आओ। शुऐब कहते हैं चंद लोग दुबई को जन्नत समझते हैं कि यहां पैसों की बारिश होती है। यहां लोग मुम्बई कि तरह रात दिन पसीना बहाते हैं तब जाकर थोडे पैसे मिलते हैं।  […]

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कड़ी : प्रेमचन्द की कहानियाँ सी-डॅक की साइट पर अनेकों ई-पुस्तकें उपलब्ध हैं। इन में से मेरी मनपसन्द हैं मुंशी प्रेमचन्द की कहानियों वाली ई-पुस्तकें। यह ई-पुस्तकें वर्ड फाइलों के रूप में उपलब्ध हैं और हर फाइल में ३ से ६ कहानियाँ हैं। सीडॅक ने यह बहुत उत्कृष्ट काम किया है। पर इन्हें पढ़ने और खोजने […]

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आज रा॰ च॰ मिश्र के ब्लॉग पर लिखी ऑडियो-प्रविष्टि से ऑडियो-ब्लॉगिंग का नया तरीका पता चला। न माइक्रोफोन की ज़रूरत, न ऑडियो सॉफ्टवेयर की और न वेबस्पेस की। ब्लॉगर का नया प्रकल्प है ऑडियो ब्लागर — अपना खाता खोलिए, या अगर पहले से ब्लॉगर खाता है, तो उसे प्रयोग कीजिए, उन्हें एक टेलीफोन नम्बर दीजिए […]

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जब हिन्दी इंटरनेट की दुनिया का कोई नया बाशिन्दा यह सवाल पूछता है कि हिन्दी कैसे लिखें, तो सब का अलग अलग जवाब होता है – कोई कहता है, बरह प्रयोग करो, कोई यूनिनागरी, कोई हग, कोई छहरी, तो कोई IME। मेरा यह सोचना रहा है कि इंटरनेट पर देवनागरी के टाइपराइटर ज़्यादा होने की […]

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admin on March 2, 2006

Update: see http://radio.kaulonline.com/ आज रवि रतलामी भारत में वर्ल्डस्पेस रेडियो की बात कर रहे थे। मैं परदेस में देसी रेडियो की बात कर रहा हूँ। मुझे रेडियो पर गाने सुनने में जो मज़ा आता है, वह सीडी या टेप पर सुनने में नहीं आता। रेडियो पर उत्सुकता रहती है कि अगला गाना कौन सा आएगा, और […]

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