बीबीसी हिन्दी का वर्चुअल कीबोर्ड

इंटरनेट पर हिन्दी के, खासकर यूनिकोडित हिन्दी के, प्रचार प्रसार में बीबीसी हिन्दी की साइट का खासा योगदान रहा है। मेरे सहित कई लोगों ने अपना पहला यूनिकोड हिन्दी फॉण्ट बीबीसी हिन्दी की साइट से ही डाउनलोड किया होगा। और अब यह लोग लाए हैं टिप्पणी करने वालों के लिए एक वर्चुअल कीबोर्ड — इंटरनेट पर हिन्दी के नए प्रयोक्ताओं के लिए एक नई सुविधा। यह कीबोर्ड भी इन्स्क्रिप्ट पर आधारित है।

शादी की सालगिरह

परसों जीतू की शादी की सालगिरह थी। एक बार फिर मुबारकबाद। वैसे पतियों पर अक्सर यह इलज़ाम लगाया जाता है कि उन्हें अपनी शादी की सालगिरह याद नहीं रहती। लेकिन एक चुटकुला हाल में किसी ने भेजा, जिस में पति को शादी की बीसवीं सालगिरह भी याद थी। उस का हिन्दी अनुवाद कर के बता रहा हूँ।

श्रीमती जी की रात के दो बजे अचानक नीन्द खुली तो पाया कि पतिदेव बिस्तर से नदारद हैं। जिज्ञासावश उठीं, खोजा तो देखा डाइनिंग टेबल पर बैठे कॉफी का कप हाथ में ले कर, विचारमग्न, दीवार को घूर रहे हैं। पत्नी चुपचाप पतिदेव को कॉफी की चुस्की लेते हुए बीच-बीच में आँख से आँसू पोंछते देखती रही। फिर उन के पास गई और बोलीं, “क्या बात है, डियर? तुम इतनी रात गए यहाँ क्या कर रहे हो?”

पति ने कॉफी से नज़र उठाई। “तुम्हें याद है, २० साल पहले जब तुम सिर्फ १६ साल की थीं?” बड़ी गम्भीरता से बोले।

पत्नी अपने पति के प्यार को देख कर भाव विभोर हो गई, बोली, “हाँ, याद है।”

कुछ रुक कर पति बोला, “याद है जब तुम्हारे जज पिता जी ने हमें मेरी कार की पिछली सीट पर रंगे हाथों पकड़ लिया था?”

“हाँ याद है।”

“याद है कैसे उन्होंने मेरी कनपटी पर बन्दूक रख कर कहा था, “या तो इस से शादी कर लो, या २० साल के लिए अन्दर कर दूँगा।”

“हाँ वह भी याद है।”

अपनी आँख से एक और आँसू पोंछते हुए पति बोला, “…आज मैं छूट गया होता।”

एक बार फिर जीतू को बधाई और आशा है कि उमर-क़ैद खुशी-खुशी कटे।

मैं ने अपनाया इन्स्क्रिप्ट

रवि भाई का एक बार फिर धन्यवाद इन्स्क्रिप्ट कीबोर्ड की सरलता को सरलता से समझाने के लिए। मैं अभी तक यह मानता था कि यदि ध्वन्यात्मक कुंजीपट पर सही हाथ चलता हो तो हिन्दी की टच टाइपिंग सीखने की क्या ज़रूरत है — अँग्रेज़ी की टच टाइपिंग ही काफी है हिन्दी में टाइप करने के लिए। किसी हद तक यह बात सही भी है। मुझे यूनिनागरी ऍडिटर की ऐसी आदत पड़ी हुई है कि कीबोर्ड देखने की ज़रूरत नहीं पड़ती। पर इन सब कीबोर्डों में यह समस्या है कि कट-पेस्ट के बिना काम नहीं चलता। ब्लॉग लिखना हो, ईमेल लिखना हो, या कहीं टिप्पणी लिखनी हो — सीधे हिन्दी लिखने का तरीक़ा अभी तक नहीं मिल पा रहा था — विंडोज़ के Indic-IME को छोड़ कर। बरह का प्रयोग मैं ने नहीं किया है, उस में शायद यह सुविधा है — पर उस के इलावा शायद ही कहीं और है। विंडोज़ के Indic-IME में यह दिक्कत है कि उस में Hindi Traditional के नाम से एक ही कीबोर्ड है जो इन्स्क्रिप्ट पर आधारित है। और 6-7 कीबोर्ड खाके Indic-IME1v5 के द्वारा मिल जाते हैं पर उन में भी वही समस्या है — कट-पेस्ट की। माइक्रोसॉफ्ट वाले Indic-IME1v5 को इस लायक़ नहीं बना पाए हैं कि विंडोज़ के टेक्स्ट-बॉक्स और ईमेल आदि में सीधा चल सके। मुख़्तसर बात यह है कि मुझे लगता था इन्स्क्रिप्ट से डर, इसलिए IME से दूर भागता था। इस के लेआउट में मुझे कोई pattern नज़र नहीं आता था।

अब रवि भाई ने जब से इन्स्क्रिप्ट के लेआउट का राज़ खोला है, तब से मैं ख़ुद को इन्स्क्रिप्ट सिखाने में लगा हुआ हूँ। यह पोस्ट मैं ने इन्स्क्रिप्ट का प्रयोग कर के, बिना कीबोर्ड पर नज़र डाले लिखी है, और वह भी सीधे वर्डप्रेस के ऍडिट-बॉक्स में। खूबी यह है कि हिन्दी के अक्षर अँग्रेज़ी के अक्षरों पर निर्भर नहीं हैं, उंगलियों की स्थिति से ही सभी अक्षरों का पता लग जाता है। लिखने में समय काफ़ी ज़्यादा लगा पर शायद समय के साथ गति भी आ जाएगी।

आप कौन सी भाषा सीख सकते हैं?

दुनिया में, ख़ास कर इंटरनेट की दुनिया में तरह तरह के व्यक्‍तित्व-परीक्षण (personality tests) मिल जाते हैं। इन में से कितने सही हैं, कितने ग़लत, यह पता नहीं। पर आज एक रोचक टेस्ट मिला — यह आप से कुछ सवाल पूछ कर बताता है कि आप कौन सी भाषा सीख सकते हैं — यह रही कड़ी। इस में एक रोचक ग्राफिक बना हुआ है, जिस में दरजन भर भाषाओं को प्रचलन और सीखने में आसानी के आधार पर रखा गया है। इस ग्राफिक में हिन्दी को अधिक प्रचलित भाषा माना गया है, और सीखने के हिसाब से कुछ मुश्किल — फिर भी चीनी जापानी जितना नहीं। खैर लगता है कि कुछ ब्लॉगरों को हिन्दी सीखने की सलाह दी जा रही है, और वे हैरान हैं — क्योंकि उन्हें हिन्दी के बारे में शायद कुछ नहीं मालूम। और मुझे चीनी (मैंडारिन) सीखने की सलाह दी गई। आप  भी देखें आप को क्या सलाह मिलती है।