Archive for जनवरी, 2006

चेन मेल की चेन..

चेन मेल के विषय पर मेरा लेख अभिव्यक्‍ति-हिन्दी वेब पत्रिका में छपा है। यहाँ पढ़िए।

भारतीय मुद्रा बदलने का रजनीश का सुझाव विचारणीय तो है, पर मेरे विचार में इस का उत्तर है — नहीं। अर्थशास्त्र पर अपनी पकड़ वैसे बहुत कमज़ोर है, इसलिए डिस्क्लेमर पहले सुना दूँ — इस विषय पर व्यक्‍त किए गए मेरे विचार पूर्ण रूप से व्यक्‍तिगत और अव्यवसायिक हैं, और पढ़ने वाला किसी भी नतीजे [...]






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