अधमरे हो कर रहने से ज़िन्दगी अच्छी या मौत?

यूँ तो अमरीका मे हर छोटी से छोटी बात समाचार बन जाती है। ऐसे मामले जिन को कुछ देशों में कोई पूछे भी नहीं, यहाँ महीनों तक सुर्खियों में रहते हैं, तब भी जब उस में शामिल सब लोग आम होते हैं। हाल में समाप्त हुए स्कॉट पीटरसन मामले को राष्ट्रीय मीडिया में जो प्रभुता […]

हिन्दी और वेल्श

बीबीसी की सोनिया माथुर यू॰के॰ के वेल्ज़ सूबे में काम करने गईं तो उन को अपने हिन्दुस्तानी तलफ़्फ़ुज़ और वेल्ज़ की वेल्श अँग्रेज़ी में काफी समानता लगी। बीबीसी की साइट पर छपे इस लेख में लिखा है कि जब वह फोन उठा कर “हलो” भर कहती थीं तो अगला उन से पूछता था, “आप वेल्ज़ […]

हमारा क्रिकेट प्रेम

बाल्टिमोर सन के कागज़ी संस्करण में भारतीय विद्यार्थियों का एक चित्र देखा तो उत्सुकता हुई। रिपोर्ट थी भारतीयों में क्रिकेट प्रेम के बारे में, कि किस प्रकार यहाँ के भारतीय विद्यार्थी समुदाय में उत्साह है इस खेल के बारे में जिस के बारे में अन्यथा कोई कुछ नहीं जानता यहाँ। तब ध्यान आया कि भारत […]

सातवीं अनुगूँज – बचपन के मेरे मीत

बचपन के मीत — बड़ा ही भावुक और दिल के करीब का विषय है यह। जैसे ही विषय की घोषणा हुई, मैंने सोचा कि अपनी प्रविष्टि तो निश्चित है। पर अलाली का आलम यह है कि कोई बात तब तक नहीं होती जब तक उस की अन्तिम तिथि न आ जाए। अंकल सैम से टैक्स […]